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सुबह ऐसे आती है –उलझते -सुलझते रिश्तों की कहानियाँ

    अंजू शर्मा जी से मेरा परिचय “चालीस साला औरतें” से हुआ था | कविता फेसबुक में पढ़ी और परस्पर मित्रता भी हुई | इसी कविता की वजह से मैंने बिंदिया का वो अंक खरीदा...

दम-दमड़ी

“दम–दमड़ी” ये कहानी है वरिष्ठ लेखिका दीपक शर्मा की, जो रुपये पैसों के ऊपर टूटते –बिखरते रिश्तों का नंगा सच प्रस्तुत करती हैं | एक कहावत है कि “चमड़ी जाए पर दमड़ी ना जाये”...

कानपुर में धनुक की गूँज –एक विस्तृत रिपोर्ट

कानपुर में धनुक की गूँज कानपुर एक ऐसा शहर जो चारों तरफ से गाँवों से घिरा हुआ  हुआ है | आम बोली-बानी में सहज ही देशज शब्द शामिल हैं | उत्तर प्रदेश की देशी  संस्कृति...

सिंदूर खेला – पति –पत्नी के उलझते –सुलझते रिश्तों की कहानियाँ

सिंदूर खेला  “सिंदूर खेला” रंजना बाजपेयी जी का नया कहानी संग्रह है | इससे पहले उनके दो उपन्यास “अनावरण” और “प्रराब्द्ध और प्रेम” प्रकाशित हो चुके हैं | ये उनका पहला कहानी संग्रह व् तीसरी...

कुल्हड़ भर इश्क -बनारसी प्रेम कथा

कुल्हड़ भर इश्क एक बनारसी हल्की -फुलकी प्रेम कथा है | बिलकुल बनारसी शंकर जी की बूटी की तरह जिसका नशा थोड़ी देर चढ़े खूब उत्पात मचाये और फिर उतर जाए |  प्रेम कहानियों...

नव वर्ष यानी आपके हाथ में हैं नए 365 दिन

जब भी नव वर्ष  आता है तो अपने साथ लाता है नए 365 दिन | एक नया कोरा पन्ना  ...जिसे हम अपने हिसाब से रंग सकते हैं | लेकिन इस रंगने के लिए जरूरी...

माउथ ऑर्गन –किस्सों के आरोह-अवरोह की मधुर धुन

  जब बात किस्सों की आती है तो याद आती है जाड़े की गुनगुनी धूप सेंकते हुए, मूंगफली चबाते हुए दादी –नानी के पोपले मुँह से टूटे हुए दांतों के बीच से सीटी की तरह...

तपते जेठ में गुलमोहर जैसा -प्रेम का एक अलग रूप

आज आपसे " तपते  जेठ में गुलमोहर सा  उपन्यास के बारे में  बात करने जा रही हूँ |यह  यूँ तो एक प्रेम कहानी है पर थोड़ा  अलग हट के | कहते हैं प्रेम ईश्वर...

विसर्जन कहानी संग्रह पर महिमा श्री की प्रतिक्रिया

महिमा से पहली बार सन्निधि संगोष्ठी में मुलाकात हुई थी | मासूम सी, हँसमुख बच्ची ने जहाँ अपने व्यक्तित्व से सबका मन मोह लिया था वहीँ अपनी कविता से अपनी गहन साहित्यिक समझ से...

सांता का गिफ्ट

क्रिसमस से संता का करिश्मा भी जुड़ा है | दुनिया भर के बच्चे क्रिसमस के दिन संता का इंतज़ार करते हैं | सफ़ेद दाढ़ी वाला ये दयालु आदमी स्लेज से आकर चुपके से लोगों...